वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

Oct 04, 2026 - 12:02
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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसरोवर सभागार में गत दिवस आयोजित एक भव्य समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के विचारोत्तेजक व्याख्यानों पर आधारित ग्रंथ "डा मोहन भागवत संदेश "  का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मंचासीन महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, आल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम डा उमेर अहमद इलियासी, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डा अशोक कुमार वार्ष्णेय, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी एवं राज्य के पूर्व गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्र ने ग्रंथ के रचयिता सुप्रसिद्ध पत्रकार एवं साहित्यकार कृष्ण मोहन झा को उनकी नवीनतम कृति के प्रकाशन पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा विगत डेढ़ दशकों के दौरान विभिन्न समारोहों के मंच से जो महत्वपूर्ण  व्याख्यान दिए हैं उनकी उन्होंने इस ग्रंथ में सूक्ष्म विवेचना की है।उनका यह प्रयास उन्हें भूरि भूरि प्रशंसा का अधिकारी बनाता है।


डा अशोक वार्ष्यण ने कहा कि कृष्ण मोहन झा द्वारा रचित अपने आप में पूर्णता का अहसास कराने में समर्थ है। इस ग्रंथ  की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी रचना केवल एक विषय को केन्द्र में रखकर नहीं की गई है। इस ग्रंथ को सीमित दायरे में रखकर इसका मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा। डा इलियासी और स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि कठिन से कठिन समस्या के हल के लिए संघ प्रमुख  संवाद का के जिस रास्ते पर चलने का आह्वान करते हैं उस समाज के सभी वर्गों को अमल करना चाहिए।


उन्होंने पुस्तक के लेखक कृष्णमोहन झा के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. मोहन भागवत के विभिन्न विषयों पर व्यक्त विचारों को एक स्थान पर संकलित करना महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज को किसी व्यक्तित्व के विचारों को व्यापक संदर्भ में समझने का अवसर मिलता है और समाज में व्याप्त अनेक गलतफहमियों को दूर करने में भी सहायता मिल सकती है।

 

पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने ग्रंथ को गागर में सागर निरूपित किया। सुरेश पचौरी ने 'डा मोहन भागवत संदेश' ग्रंथ की सफलता की कामना व्यक्त की। पुस्तक के लेखक कृष्णमोहन झा ने कहा कि डॉ. मोहन भागवत के अलग-अलग विषयों पर दिए गए भाषणों और वक्तव्यों को पढ़ने के बाद उनके विचारों को एक स्थान पर संकलित कर पाठकों के सामने प्रस्तुत करने का विचार आया। इसी प्रयास का परिणाम *‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’* पुस्तक के रूप में सामने आया है।

कार्यक्रम में लेखक कृष्ण मोहन झा ने जब यह घोषणा की कि अशोक वाटिका में माता सीता को मातृवत संरक्षण प्रदान करने वाली" त्रिजटा " के चरित्रगत विशेषताओं को केन्द्र में रखकर लिख गए एक शोधपूर्ण उपन्यास का निकट भविष्य में प्रकाशन होने जा रहा है तो मानसरोवर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उल्लेखनीय है कि श्री कृष्ण मोहन झा की अब तक सात कृतियाँ प्रकाशित चुकी हैं।



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