CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ाई गई सुरक्षा, आवास से चुनाव आयोग तक कड़ा पहरा; ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच विपक्ष का प्रदर्शन तेज
विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनों के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को उनके आधिकारिक आवास और निर्वाचन आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी. अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम लगातार बढ़ रहे विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए उठाया गया है.
ज्ञानेश कुमार को पहले से मिली है Z+ सुरक्षा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पहले से ही ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. इस सुरक्षा घेरे में कम से कम 32 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या दिल्ली पुलिस के जवानों की है. केंद्र सरकार ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के कार्यकाल के दौरान सीईसी की सुरक्षा को बढ़ाकर शीर्ष श्रेणी में किया था.
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
सुरक्षा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय हुआ है, जब विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है. विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
सीजेपी ने भी किया आंदोलन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है. मुंबई और बेंगलुरु में प्रदर्शन के बाद पार्टी ने 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मार्च निकालने की घोषणा की है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं.
राजघाट पर विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन
विपक्षी नेताओं ने बृहस्पतिवार को राजघाट पर प्रदर्शन किया. नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और ‘‘भाजपा सरकार तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सद्बुद्धि’’ देने के लिए प्रार्थना की. प्रदर्शन के बाद नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
राहुल गांधी ने भी दिया था धरना
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन परिसर में करीब आठ घंटे तक धरना दिया था. वहीं, बुधवार को विपक्षी नेताओं को शांगरी-ला होटल के पास जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोक दिया गया था. इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया.
विपक्ष का आरोप- वोटरों के नाम हटाए गए
विपक्षी दलों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने का उद्देश्य भाजपा का विरोध करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करना था. विपक्ष ने सरकार और निर्वाचन आयोग पर ‘‘वोट चोरी’’ का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे पर अपना आंदोलन और तेज करने की बात कही है.
10 अक्टूबर के मार्च को लेकर बढ़ी चिंता
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च की घोषणा और विपक्षी दलों के लगातार प्रदर्शनों के बीच निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के आवास की सुरक्षा बढ़ाई गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है.
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