गुजरात में बिजनेस करना हुआ और भी आसान: सरकार लाई नई GCC पॉलिसी

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के नेतृत्व में तैयार की गई इस नीति से गुजरात में टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और उच्च कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एक ही डिजिटल पोर्टल पर इंसेंटिव की पूरी प्रक्रिया
नई GCC गाइडलाइन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी डिजिटल और सिंगल-विंडो प्रक्रिया है। इंसेंटिव के लिए आवेदन करने से लेकर उसके भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया Integrated Incentive Management Portal के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकेगी।
Directorate of ICT & e-Governance द्वारा विकसित इस पोर्टल से कागजी प्रक्रिया में कमी आएगी और निवेशकों को अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। यह व्यवस्था निवेशकों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ALSO READ: कैप्टन स्मित माछर को 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार', पटेल सरकार का बड़ा ऐलान
GCC के लिए पात्रता के स्पष्ट मापदंड
नई गाइडलाइन में इंसेंटिव की पात्रता तय करने के लिए 'Month of Eligibility' का प्रावधान किया गया है। Commercial Operation, In-principle Approval या Eligible Employee Count जैसे मापदंडों के आधार पर पात्रता की अवधि निर्धारित की जाएगी।
इसके अलावा, केवल नए GCC सेंटर ही नहीं, बल्कि गुजरात में पहले से संचालित GCC के विस्तार और नए रोजगार के सृजन को भी नीति के तहत प्रोत्साहन दिया जाएगा।
CAPEX और OPEX खर्च पर भी मिलेगा इंसेंटिव
गुजरात सरकार की GCC Policy 2025-30 के तहत निवेशकों को विभिन्न प्रकार के खर्चों पर आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें जमीन को छोड़कर GCC के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई खर्च शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बिल्डिंग की खरीद या निर्माण
- सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर सिस्टम
- नेटवर्किंग हार्डवेयर
- ऑफिस स्पेस की लीज या खरीद पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस
- फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइनिंग
- जरूरी प्लांट और मशीनरी
- Captive Renewable Energy Plant के लिए जरूरी उपकरण
- देरी से किए गए क्लेम के लिए भी Pro-rata इंसेंटिव का प्रावधान
नई गाइडलाइन में इंसेंटिव क्लेम की प्रक्रिया को भी अधिक लचीला बनाया गया है। निर्धारित समयसीमा के बाद क्लेम किए जाने की स्थिति में कुछ परिस्थितियों में Pro-rata आधार पर इंसेंटिव की गणना करने का प्रावधान रखा गया है।
कंपनी और उसकी पैरेंट कंपनी के बीच संबंधों को प्रमाणित करने के लिए SLA या Board Resolution जैसे दस्तावेज और खर्चों के सत्यापन के लिए CA Certified Documents आवश्यक होंगे। इस दस्तावेजी प्रक्रिया के माध्यम से इंसेंटिव क्लेम में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
गुजरात में हाई-स्किल नौकरियों के नए अवसर
GCC Policy 2025-30 को केवल निवेश आकर्षित करने वाली नीति के तौर पर नहीं, बल्कि गुजरात को Knowledge-based Economy की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, रिसर्च, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेक्नोलॉजी और बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को भी गति मिल सकती है।
इस तरह GCC Policy 2025-30 के तहत लागू की गई नई Operational Guidelines गुजरात को देश-विदेश की कंपनियों के लिए अधिक अनुकूल और आकर्षक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
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