GST Council के बड़े फैसले, गिरफ्तारी की शक्ति हटेगी, अभियोजन की सीमा ₹5 करोड़ होगी, पेनल्टी भी घटेगी

Oct 09, 2026 - 11:52
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GST Council के बड़े फैसले, गिरफ्तारी की शक्ति हटेगी, अभियोजन की सीमा ₹5 करोड़ होगी, पेनल्टी भी घटेगी

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GST Council ने जीएसटी व्यवस्था में गिरफ्तारी, अभियोजन और सामान्य पेनल्टी से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों का फैसला किया है। इन बदलावों का मकसद टैक्स से जुड़ी छोटी या सामान्य गलतियों के मामलों में कार्रवाई को अधिक अनुपातिक बनाना है। नए फैसलों के तहत GST में गिरफ्तारी की शक्ति हटाई जाएगी, जबकि अभियोजन शुरू करने की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ की जाएगी।

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GST में गिरफ्तारी की शक्ति हटाने का फैसला

GST Council के फैसले के मुताबिक GST कानून के तहत गिरफ्तारी की शक्ति को हटाया जा रहा है। यानी टैक्स से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी के प्रावधान को समाप्त करने की दिशा में बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव कारोबारियों और करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि GST अनुपालन से जुड़े मामलों में कार्रवाई की प्रकृति पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

 

अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹5 करोड़

 

GST से जुड़े मामलों में अभियोजन की सीमा भी बढ़ाई जा रही है। मौजूदा ₹1 करोड़ की सीमा को बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया जाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम सजा का प्रावधान भी हटा दिया जाएगा। किसी मामले में जुर्माना लगाया जाए, जेल की सजा दी जाए या दोनों दिए जाएं—इसका फैसला संबंधित मामले की परिस्थितियों के आधार पर न्यायिक विवेक से किया जाएगा। इस बदलाव से छोटे स्तर के टैक्स मामलों और गंभीर मामलों के बीच अंतर अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

सामान्य पेनल्टी ₹25,000 से घटकर ₹10,000

 

GST कानून में जहां किसी विशेष उल्लंघन के लिए अलग से पेनल्टी निर्धारित नहीं है, वहां लागू होने वाली General Penalty को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया जाएगा। इसका मतलब है कि ऐसे मामलों में सामान्य पेनल्टी की अधिकतम सीमा कम होगी, जहां कानून में किसी खास गलती के लिए अलग पेनल्टी का प्रावधान नहीं किया गया है।

 

देर से रिटर्न या भुगतान पर क्या होगा?

 

GST Council के फैसले में करदाताओं के लिए एक अहम बात यह भी स्पष्ट की गई है। यदि कोई taxpayer रिटर्न दाखिल करने में देर करता है, कोई गलती करता है या टैक्स भुगतान में पीछे रह जाता है, तो उसके मामले में टैक्स की रिकवरी, ब्याज और अनुपातिक पेनल्टी लागू होगी। फैसले के मुताबिक ऐसी स्थिति में इसके अलावा कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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करदाताओं के लिए क्या बदलेगा?

सरल शब्दों में देखें तो GST Council के इन प्रस्तावित बदलावों का फोकस छोटी कर संबंधी गलतियों और गंभीर टैक्स अपराधों के बीच अंतर करने पर है। गिरफ्तारी की शक्ति हटाने, अभियोजन की सीमा बढ़ाने और सामान्य पेनल्टी कम करने से GST अनुपालन से जुड़े मामलों में कार्रवाई का ढांचा बदल सकता है। हालांकि, इन बदलावों को लागू करने के लिए संबंधित कानूनी और अधिसूचनात्मक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।

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