क्या अप्राकृतिक थी नाना पाटेकर की मौत? गोवा पुलिस ने दर्ज किया UD का मामला

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के बाद पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 साल के एक्टर को डोना पाउला के ओशन पार्क स्थित उनके घर से बांबोलिम के मणिपाल हॉस्पिटल के कैजुअल्टी वार्ड में मृत अवस्था में लाया गया था। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।
पणजी के मणिपाल अस्पताल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट थी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने मेडिको लीगल मामला दर्ज किया है, इसे एक अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया बताया जा रहा है। ALSO READ: असल जिंदगी में भी हीरो थे नाना पाटेकर: कारगिल युद्ध में सैनिकों के साथ बिताए थे 60 दिन, घट गया था 20 किलो वजन
डॉक्टरों के मुताबिक नाना पाटेकर को जब अस्पताल लाया गया तब वे मृत हो चुके थे। नियमानुसार जब किसी व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया जाता है तो अस्पताल प्रशासन को पुलिस को सूचित करना होता है। कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे 'मेडिको-लीगल केस' और अप्राकृतिक मौत के रूप में दर्ज कर पोस्टमॉर्टम कराया जाता है।
गौरतलब है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला तब दर्ज किया जाता है जब किसी ऐसे व्यक्ति की अचानक मौत हुई हो जो किसी लंबी बीमारी से नहीं जूझ रहा हो और अस्पताल के बाहर हो। इसी धारा के तहत नाना पाटेकर की मौत के बाद मामला दर्ज हुआ है।
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