नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली, दोस्ती का सुनाया अनसुना किस्सा

Oct 09, 2026 - 11:52
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नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली, दोस्ती का सुनाया अनसुना किस्सा

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक की लहर है। एक्टर का बीते दिन 75 वर्ष की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया है। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के पास डोनजे स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। 

 

नाना पाटेकर के अचानक निधन से पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली भी काफी भावुक हैं। उन्होंने अभिनेता के साथ अपने पुराने रिश्ते और यादों को साझा किया है। बासित ने बताया कि नाना की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थीं, उनके चाहने वालों की बड़ी तादाद पाकिस्तान में भी थी। नाना पाटेकर उनके लिए सिर्फ एक मशहूर अभिनेता नहीं, बल्कि परिवार की तरह थे।

 

नाना पाटेकर और बासित अली की दोस्ती कैसे शुरू हुई?

बासित अली के मुताबिक, नाना पाटेकर के साथ उनका संपर्क साल 1994 में शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा। बासित ने अपने वीडियो में अभिनेता को एक शानदार इंसान और करीबी दोस्त के रूप में याद किया। उन्होंने बताया कि नाना का व्यवहार पर्दे पर निभाए गए उनके किरदारों से अलग नहीं था। जिस बेबाकी और अपनापन के लिए अभिनेता जाने जाते थे, वही अंदाज उनकी निजी जिंदगी में भी दिखाई देता था।

 

बासित के लिए इस दोस्ती की खासियत यह थी कि दोनों के बीच बातचीत किसी औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं थी। वे नियमित रूप से एक-दूसरे का हालचाल लेते थे और निजी जिंदगी से जुड़ी बातें भी साझा करते थे।

 

मां के अस्पताल में भर्ती होने पर हर हफ्ते फोन करते थे नाना

बासित अली ने नाना पाटेकर के उस संवेदनशील पक्ष को याद किया, जो शायद उनके फिल्मी प्रशंसकों के लिए कम जाना-पहचाना था। उन्होंने बताया कि जब उनकी मां अस्पताल में भर्ती थीं, तब नाना नियमित रूप से फोन करके उनका हाल पूछते थे। अभिनेता उनकी मां से भी बातचीत करते और उनके साथ समय बिताकर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश करते थे।

 

बासित के मुताबिक, मां के निधन के बाद भी नाना ने उनसे संपर्क बनाए रखा। उन्होंने बासित को अपना ख्याल रखने की सलाह दी। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने बताया कि जब उन्हें खुद दिल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या हुई और इलाज के बाद वह घर लौटे, तब भी नाना ने संदेश भेजकर उनकी तबीयत के बारे में पूछा।

 

फिल्मों के सीन पर भी होती थी मजेदार बातचीत

नाना पाटेकर अपनी बेबाक शैली और शानदार संवाद अदायगी के लिए मशहूर थे। बासित अली ने बताया कि उनकी बातचीत में फिल्मों का जिक्र भी अक्सर होता था। कभी-कभी वह अभिनेता से किसी खास सीन के बारे में सवाल पूछते, तो नाना मजाकिया अंदाज में उन्हें चुप करा देते थे।


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बासित ने कहा कि बड़े भाई की तरह मिलने वाला नाना का प्यार और स्नेह उनके लिए बेहद खास था। उनके मुताबिक, अभिनेता की असली पहचान केवल उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनका व्यक्तित्व भी लोगों को प्रभावित करता था।

 

'यंग मैन' कहकर बुलाते थे बासित अली

बासित ने यह भी बताया कि उन्हें नाना पाटेकर की उम्र पर अक्सर हैरानी होती थी। वह अभिनेता को मजाक में 'यंग मैन' कहकर बुलाते थे। नाना भी इस बात का जवाब हंसी-मजाक में देते थे। बासित ने कहा कि अभिनेता को 75 वर्ष का मानना उनके लिए मुश्किल था और उनके निधन की खबर को स्वीकार करना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि नाना पाटेकर के प्रशंसक पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में थे। उनकी अदाकारी ने सरहदों से परे दर्शकों के बीच जगह बनाई थी।

 

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उमर अकमल ने भी दी श्रद्धांजलि

पाकिस्तानी क्रिकेटर उमर अकमल ने भी नाना पाटेकर की तस्वीर साझा कर उन्हें याद किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अभिनेता का काम भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन उनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक बना रहेगा। इस संदेश के साथ उन्होंने दुख जताने वाले इमोजी भी साझा किए।

 

नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 'क्रांतिवीर', 'परिंदा', 'तिरंगा', 'अग्नि साक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शकों तक पहुंचाया। उन्हें अपने अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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