रेखा की जिंदगी के 25 अनसुने किस्से: जब 'अग्ली डकलिंग' कहकर उड़ाया गया मजाक, मजबूरी में बनीं बॉलीवुड की 'एवरग्रीन दीवा'

Oct 10, 2026 - 22:05
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रेखा की जिंदगी के 25 अनसुने किस्से: जब 'अग्ली डकलिंग' कहकर उड़ाया गया मजाक, मजबूरी में बनीं बॉलीवुड की 'एवरग्रीन दीवा'

रेखा की जिंदगी के 25 अनसुने किस्से: जब 'अग्ली डकलिंग' कहकर उड़ाया गया मजाक, मजबूरी में बनीं बॉलीवुड की 'एवरग्रीन दीवा'

रेखा की जिंदगी के 25 अनसुने किस्से: जब 'अग्ली डकलिंग' कहकर उड़ाया गया मजाक, मजबूरी में बनीं बॉलीवुड की 'एवरग्रीन दीवा'

बॉलीवुड की रहस्यमयी और दिलकश अदाकारा रेखा की जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आर्थिक तंगी के चलते बचपन में स्कूल छूटने से लेकर इंडस्ट्री में 'अग्ली डकलिंग' का ताना झेलने तक, उन्होंने हर संघर्ष को मात दी। अफेयर्स के किस्से, टूटी शादियां, अनूठे शौक और अपनी शर्तों पर खुद को एक स्टाइल आइकन के रूप में गढ़ने की दास्तान रेखा को सिनेमा की सबसे दिलचस्प पहेली बनाती है। जानिए उनकी जिंदगी के 25 अनसुने पहलू।

 

10 अक्टूबर 1954 को जन्मीं रेखा के खून में ही अभिनय था; वह तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जैमिनी गणेशन और जानी-मानी तेलुगु अभिनेत्री पुष्पावली की संतान हैं।

 

चेन्नई की गलियों में पली-बढ़ी इस खूबसूरत अदाकारा का नाम जन्म के समय भानुमति रेखा रखा गया था।

 

रेखा अपनी पहली जुबान यानी मातृभाषा तेलुगु को मानती हैं, हालांकि वे हिंदी, तमिल और अंग्रेजी पर भी गजब का अधिकार रखती हैं।

 

रेखा का शुरुआती जीवन पहचान के दर्द से गुजरा; उनके जन्म के वक्त माता-पिता का विवाह नहीं हुआ था और पिता ने बचपन में उन्हें अपनी संतान मानने से साफ इनकार कर दिया था।

 

कैमरे की रोशनी रेखा की पहली पसंद नहीं थी। घर के चरमराते आर्थिक हालात के चलते उन्हें कलम छोड़कर, स्कूल को अलविदा कह अभिनय की दुनिया में उतरना पड़ा।

 

महज 12 साल की मासूम उम्र में उन्होंने तेलुगु फिल्म से बाल कलाकार के रूप में कदम रखा और इसके ठीक तीन साल बाद वे एक कन्नड़ फिल्म में मुख्य हीरोइन के तौर पर पर्दे पर उतरीं।

 

हिंदी सिनेमा में उनका आगाज फिल्म 'अंजाना सफर' से हुआ, जिसमें उनके अपोजिट अभिनेता विश्वजीत नजर आए थे।

 

पहली ही हिंदी फिल्म 'अंजाने सफर' के एक चुंबन दृश्य ने उस दौर में तूफान खड़ा कर दिया था। सेंसर बोर्ड के पचड़ों में फंसने के कारण यह फिल्म करीब एक दशक बाद 'दो शिकारी' नाम से रिलीज हो सकी।

 

करियर की शुरुआत में अपने सांवले रंग और बढ़े हुए वजन के कारण उन्हें कड़े तंज झेलने पड़े; खुद रेखा के मुताबिक इंडस्ट्री में उन्हें 'अग्ली डकलिंग' (बदसूरत बत्तख) कहकर पुकारा जाता था।

 

पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो रेखा की एक सगी बहन हैं, जबकि पिता जैमिनी गणेशन की तरफ से उनके छह सौतेले भाई-बहन भी हैं।

 

बचपन में रेखा की आंखों में खुली दुनिया नापने की चाहत थी, और इसी ख्वाहिश के चलते वे एक एयरहोस्टेस बनने का हसीन सपना देखा करती थीं।

 

रेखा को सजने-संवरने और मेकअप का बेहद जुनून था। उनके इस शौक को पूरा करने के लिए उनकी एयरहोस्टेस दोस्त विदेशों से चुनिंदा मेकअप किट लाकर दिया करती थीं।

 

कॉन्वेंट स्कूल में आयरिश ननों की सादगी और अनुशासन से प्रभावित होकर एक वक्त रेखा खुद नन बनने का मन बना चुकी थीं।

 

मुंबई में पैर जमाने और घर चलाने की जद्दोजहद में रेखा को अपने शुरुआती दिनों में तेलुगु की बी और सी-ग्रेड फिल्मों में भी काम करना पड़ा।

 

निजी जिंदगी में रेखा ने उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से ब्याह रचाया, लेकिन यह दांपत्य त्रासदी में बदल गया जब शादी के चंद महीनों भीतर ही मुकेश ने आत्महत्या कर ली।

 

रूपहले पर्दे के साथ-साथ रेखा की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही; उनका नाम अमिताभ बच्चन, राज बब्बर, विनोद मेहरा, नवीन निश्चल, जीतेंद्र, यश कोहली, शत्रुघ्न सिन्हा और अक्षय कुमार के साथ जुड़ा।

 

एक दौर में अभिनेता विनोद मेहरा के साथ उनकी गुपचुप शादी की अफवाहों ने खूब तूल पकड़ा, जिसे रेखा ने हमेशा सिरे से खारिज किया।

 

खुद से पांच साल छोटे संजय दत्त के साथ भी उनके रिश्ते के चर्चे उड़े। इस पर रेखा ने एक बार बेबाकी से कहा था कि यह नजदीकी सिर्फ अमिताभ बच्चन को चिढ़ाने और जलाने के लिए थी।

 

अमिताभ बच्चन के संपर्क में आने के बाद रेखा की पूरी शख्सियत ही बदल गई; वे अपने लुक्स, फिटनेस और स्टाइल के प्रति बेहद सजग हुईं और उनका जिंदगी को देखने का फलसफा ही बदल गया।

 

रेखा एक उम्दा डबिंग आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने फिल्म 'याराना' में नीतू सिंह और फिल्म 'वारिस' में दिवंगत स्मिता पाटिल के किरदारों के लिए अपनी आवाज देकर डबिंग की थी।

 

अभिनय के अलावा सुरों से भी उनका गहरा नाता है; संगीतकार आर.डी. बर्मन के खास इसरार पर उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्म 'खूबसूरत' में दो गाने गुनगुनाए थे।

 

कांजीवरम साड़ियों और गहरे सिंदूर से सजे रेखा के जादुई ऑरा के पीछे कोई फैशन स्टाइलिस्ट नहीं है, वे अपना हर लुक खुद डिजाइन और तय करती हैं।

 

चकाचौंध भरी इंडस्ट्री में जहां लेट-लतीफी आम बात है, वहीं रेखा घड़ी की सुइयों की पक्की हैं और हर जगह तय वक्त पर ही पहुंचती हैं।

 

सिनेमा की दो शीर्ष दीवाएं, रेखा और हेमा मालिनी,  असल जिंदगी में बेहद घनिष्ठ दोस्त हैं; रेखा आज भी हेमा के स्पीड डायल पर मौजूद रहती हैं।

 

वे बॉलीवुड की पहली अभिनेत्रियों में से थीं जिन्होंने फिटनेस के लिए बाकायदा जिम जाना शुरू किया; बेसिक वर्कआउट से सफर शुरू करने वाली रेखा आज नियमित योग और अनुशासन की मिसाल हैं।

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