लड़ाई फिर 80 बनाम 20 की...राज्यसभा चुनाव के परिणामों से सीएम योगी ने 2027 के लिए की बड़ी भविष्यवाणी

Oct 09, 2026 - 11:52
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लड़ाई फिर 80 बनाम 20 की...राज्यसभा चुनाव के परिणामों से सीएम योगी ने 2027 के लिए की बड़ी भविष्यवाणी


Yogi Adityanath 80 Vs 20 Formula: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया राज्यसभा चुनाव के आंकड़ों और समीकरणों का हवाला देते हुए राज्य के सियासी भविष्य पर एक बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी ने भविष्यवाणी की है कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में भी स्थिति '80 बनाम 20' की ही रहने वाली है, जिसमें 80 फीसदी जनसमर्थन एनडीए के खाते में जाएगा और महज 20 फीसदी हिस्सा विरोधी गठबंधन के पास सिमट कर रह जाएगा।

 

​लखनऊ में आयोजित 'सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव की तस्वीर ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव का क्या परिणाम होने वाला है। यह लड़ाई एक बार फिर 80-20 पर आ टिकी है—80 प्रतिशत एनडीए और 20 प्रतिशत पीडीए। पीडीए का क्या हश्र होगा, यह जल्द ही सबके सामने आ जाएगा।

10 सीटों पर मुकाबला साफ, सभी निर्विरोध तय

​उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। बीजेपी ने 8 और समाजवादी पार्टी ने 2 उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल किया है। किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में न होने से सभी 10 प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

 

​पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि सपा अपना तीसरा उम्मीदवार उतारकर 10वीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना सकती है, लेकिन मंगलवार को सपा के पीछे हटने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया।

 

​बीजेपी (8 उम्मीदवार) : धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार।

​समाजवादी पार्टी (2 उम्मीदवार) : प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी।

​सपा के कदम पीछे खींचने की सियासी वजह

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में न उतारकर एक सोची-समझी रणनीति अपनाई है। अगर सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती, तो क्रॉस वोटिंग या हार की स्थिति में आने वाले विधानसभा चुनाव पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता था। जिन विधायकों को राज्यसभा के लिए वोट करना था, उन्हें कुछ ही महीनों बाद जनता के बीच अपनी साख लेकर जाना है, ऐसे में पार्टी अपने किसी भी विधायक या सीट को जोखिम में नहीं डालना चाहती थी।

​सीटों का साधारण गणित

​उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। वर्तमान में विधानसभा में सीटों की स्थिति और राज्यसभा नतीजों का ब्योरा इस प्रकार है:

 

एनडीए गठबंधन (कुल 289 विधायक)

  • ​जीत तय : 8 राज्यसभा सीटें
  • ​8 सीटों के लिए आवश्यक वोट : 296 (एनडीए के पास बहुमत से मजबूत समर्थन उपलब्ध है)

सपा+कांग्रेस गठबंधन (कुल 96 विधायक)

  • ​जीत तय: 2 राज्यसभा सीटें
  • ​2 सीटों के लिए आवश्यक वोट: 74 (सपा के पास 2 सीटें जीतने के बाद भी पर्याप्त वोट बचते हैं, लेकिन तीसरी सीट के लिए 37 वोट पूरे नहीं हो पाते)

​एनडीए के पास 289 सदस्यों का मजबूत बहुमत होने के कारण उसके आठों प्रत्याशियों की जीत पूरी तरह तय थी, जबकि 96 विधायकों के बल पर सपा केवल दो ही सीटें हासिल करने की स्थिति में थी। इसी गणित को आधार बनाकर सीएम योगी ने दावा किया है कि 2027 में भी जनता का जनादेश इसी अनुपात में दिखने वाला है।

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