'खाकी से ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रही महिलाएं': जंतर-मंतर विवाद पर प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, जिस पुलिस का काम देश और नागरिकों को सुरक्षा देना है, आज उसी से महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक - देश के हर कोने में महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए पूछा कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का बर्ताव उचित है? अगर नहीं, तो सरकार इस पर संज्ञान क्यों नहीं ले रही है? ALSO READ: 20 साल पुराने मामले से मुश्किल में ज्ञानेश कुमार, गृहमंत्री ने दिए जांच के आदेश
जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दर्जनों पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद न FIR दर्ज की गई, न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं का भी आरोप है कि पुलिस उनके साथ बहुत अभद्र तरीके से पेश आ रही है। जिस पुलिस का काम सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं खतरा महसूस कर रही हैं। कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक - हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं। @narendramodi जी, @AmitShah जी, क्या महिलाओं के साथ ये बर्ताव उचित है? अगर नहीं तो आप इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 4, 2026
3 अक्टूबर की घटना और पुलिस की कार्रवाई
गौरतलब है कि बीते 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान वहां मौजूद कम से कम तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। घटना के तूल पकड़ने के बाद अब दिल्ली पुलिस ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सभी शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी जताई गहरी चिंता
इस पूरी घटना पर 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' (PCI) ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। काउंसिल ने विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों, विशेषकर महिला पत्रकारों के साथ हुए इस अवांछित बर्ताव पर गहरी हैरानी और निराशा व्यक्त की है। पीसीआई ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि पत्रकारों की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और मीडिया संगठनों की ओर से लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
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